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सोयाबीन का उत्पादन मध्य प्रदेश में बढ़ने एवं महाराष्ट्र में घटने का अनुमान

19-Oct-2026 03:06 PM

सोयाबीन का उत्पादन मध्य प्रदेश में बढ़ने एवं महाराष्ट्र में घटने का अनुमान

मुम्बई। स्वदेशी वनस्पति तेल उद्योग एवं व्यापार क्षेत्र के एक महत्वपूर्ण संगठन- सोयाबीन प्रोसेसर्स एसोसिएशन ऑफ इंडिया (सोपा) ने 2025-26 सीजन की तुलना में 2026-27 के मौजूदा, मार्केटिंग सीजन (अक्टूबर-सितम्बर) के दौरान राष्ट्रीय स्तर पर सोयाबीन का सकल उत्पादन 2.11 प्रतिशत गिरकर 107.93 लाख टन पर सिमट जाने का अनुमान लगाया है। इसके तहत मध्य प्रदेश एवं राजस्थान  में उत्पादन बढ़ने तथा महाराष्ट्र, कर्नाटक एवं तेलंगाना में घटने की संभावना व्यक्त की गई है। 

सोया की नवीनतम रिपोर्ट के अनुसार मध्य प्रदेश में 2025-26 सीजन के दौरान 43.24 लाख टन  सोयाबीन का उत्पादन हुआ था जो 2026-27 के मौजूदा सीजन में 32.2 प्रतिशत की जोरदार वृद्धि के साथ 57.16 लाख टन पर पहुंच जाने की उम्मीद है। वहां सोयाबीन का बिजाई क्षेत्र भी पिछले साल के 48.64 लाख हेक्टेयर से बढ़कर इस बार 52.09 लाख हेक्टेयर हो गया और इसकी औसत उपज दर 889 किलो प्रति हेक्टेयर से बढ़कर 1108 किलो प्रति हेक्टेयर (2471 किलो प्रति एकड़) पर पहुंच जाने की संभावना है। 

इसी तरह राजस्थान में सोयाबीन का उत्पादन गत वर्ष के मुकाबले 48.2 प्रतिशत उछलकर 9.47 लाख टन पर पहुंचने के आसार हैं लेकिन महाराष्ट्र में उत्पादन 33.2 प्रतिशत की जोरदार गिरावट के साथ 34.88 लाख टन पर अटकने की आशंका है। महाराष्ट्र में भयंकर सूखे की वजह से सोयाबीन की फसल कई क्षेत्रों में प्रभावित हुई है।

सोपा के अनुसार राष्ट्रीय स्तर पर सोयाबीन का बिजाई क्षेत्र गत वर्ष के 112.14 लाख हेक्टेयर से करीब 5 प्रतिशत या 5.60 लाख हेक्टेयर बढ़कर इस बार 117.73 लाख हेक्टेयर पर पहुंच गया। यदि महाराष्ट्र एवं दक्षिणी राज्यों में सूखे का संकट उपस्थित नहीं होता तो इस बार सोयाबीन का बम्पर घरेलू उत्पादन हो सकता था। देश में करीब 7.76 लाख हेक्टेयर में सोयाबीन की फसल चौपट हो गई जिससे इसकी वास्तविक कटाई-तैयारी का रकबा महज 109.98 लाख हेक्टेयर रह गया।