साप्ताहिक समीक्षा- सोयाबीन

02-May-2026 07:56 PM

क्रशिंग मिलों की लिवाली से सोयाबीन के प्लांट डिलीवरी मूल्य में भारी तेजी 

नई दिल्ली। क्रशिंग-प्रोसेसिंग इकाइयों की अच्छी लिवाली होने से तीनों शीर्ष उत्पादक राज्यों- मध्य प्रदेश, महाराष्ट्र एवं राजस्थान में 25 अप्रैल- 1 मई वाले सप्ताह के दौरान सोयाबीन के प्लांट डिलीवरी मूल्य में शानदार बढ़ोत्तरी दर्ज की गई। 
एमएसपी 
यह वृद्धि मध्य प्रदेश में 125 से 275 रुपए प्रति क्विंटल, महाराष्ट्र में 200 से 400 रुपए प्रति क्विंटल तथा राजस्थान में 300 रुपए प्रति क्विंटल दर्ज की गई। सोयाबीन का न्यूनतम समर्थन मूल्य (एमएसपी) इस बार 5328 रुपए प्रति क्विंटल नियत हुआ है जबकि प्लांट डिलीवरी भाव उछलकर 6000 रुपए प्रति क्विंटल से काफी ऊपर पहुंच गया है। इससे किसानों को अच्छी राहत मिल रही है और सरकारी एजेंसी को भी लाभप्रद मूल्य पर अपना स्टॉक बेचने का अवसर प्राप्त  हो रहा है। 
प्लांट डिलीवरी भाव 
लेकिन सोयाबीन के प्लांट डिलीवरी मूल्य में आई इस अच्छी तेजी के अनुरूप सोया रिफाइंड तेल का भाव नहीं बढ़ सका। इसमें प्रति किलो पर 5-10 रुपए का उतार-चढ़ाव देखा गया जबकि महाराष्ट्र की कुछेक इकाइयों में दाम 20 रुपए प्रति 10 किलो तक कमजोर पड़ गया। 
सोया तेल (रिफाइंड) 
समीक्षाधीन सप्ताह के दौरान सोया तेल का भाव मुम्बई और हल्दिया में क्रमश: 1450 रुपए तथा 1470 रुपए प्रति 10 किलो के पिछले स्तर पर स्थिर रहा जबकि कोटा में 10 रुपए बढ़कर 1510 रुपए पर पहुंचा मगर कांडला में 5 रुपए गिरकर 1480 रुपए पर आ गया। वैश्विक बाजार में सोया तेल का भाव या तो स्थिर या कुछ नरम रहा लेकिन टैरिफ वैल्यू में वृद्धि होने तथा रुपए की कीमत घटने से आयात मूल्य कुछ ऊंचा हो गया।
आवक 
प्रमुख उत्पादक राज्यों की मंडियों में रोजाना औसतन 1.30-1.35 लाख बोरी (100 किलो की प्रत्येक बोरी) सोयाबीन की आपूर्ति हो रही है और इसकी लगभग पूरी मात्रा की खरीद-बिक्री भी हो रही है। सोया तेल का दाम भले ही स्थिर या नरम हो मगर महाराष्ट्र में सोया डीओसी के भाव में 3000 से 5000 रुपए प्रति टन तक का जोरदार इजाफा दर्ज किया गया।