जोरदार लिवाली से सोयाबीन के दाम में भारी तेजी
नई दिल्ली। बिजाई क्षेत्र में कमी आने तथा मौसम एवं मानसून की हालत बुरी तरह अनुकूल नहीं रहने से इस बार सोयाबीन की पैदावार घटने तथा नई फसल की जोरदार आवक में देर होने की संभावना है। दूसरी ओर सोया रिफाइंड तेल में त्यौहारी मांग बढ़ने लगी है। सोयामील की घरेलू खपत बढ़ रही है। इन सभी कारणों से क्रशर्स-प्रोसेसर्स की दिलचस्पी 26 सितम्बर-2 अक्टूबर वाले सप्ताह के दौरान सोयाबीन की खरीद में बढ़ गई।
प्लांट भाव
इसके फलस्वरूप इस महत्वपूर्ण तिलहन के प्लांट डिलीवरी मूल्य में 100 से 225 रुपए प्रति क्विंटल, महाराष्ट्र में 200 से 500 रुपए प्रति क्विंटल तथा राजस्थान में 350 रुपए प्रति क्विंटल की जोरदार बढ़ोत्तरी दर्ज की गई। इससे उत्पादकों काफी राहत मिली। पिछले कुछ दिनों से सोयाबीन के बाजार भाव में गिरावट का रुख बना हुआ था।
सोया तेल (रिफाइंड)
समीक्षाधीन सप्ताह के दौरान सोया रिफाइंड तेल के दाम में 10-15 रुपए प्रति 10 किलो का उतार-चढ़ाव दर्ज किया गया। कोटा, कांडला एवं हल्दिया में भाव 10-10 रुपए नरम रहा। धुलिया के एक प्लांट में यह 15 रुपए नरम पड़ गया। दूसरी ओर मंदसौर के एक प्लांट में इतनी ही वृद्धि हुई।
आवक
अखिल भारतीय स्तर पर सोयाबीन की आवक क्रमिक रूप से बढ़ रही है। इसकी दैनिक मात्रा 29 सितम्बर के 2.25 लाख बोरी थी जो 30 सितम्बर को बढ़कर 3.10 लाख बोरी तथा 1 अक्टूबर को उछलकर 3.50 लाख बोरी पर पहुंच गई। ज्ञात हो कि सोयाबीन की प्रत्येक बोरी 100 किलो (1 क्विंटल) की होती है।
सोया खल (डीओसी)
सोया डीओसी में घरेलू एवं निर्यात मांग मजबूत रहने से कीमतों में 1000-2000 रुपए प्रति टन का इजाफा दर्ज किया गया। पशु आहार एवं पॉल्ट्री फीड निर्माण उद्योग में सोयामील की अच्छी मांग देखी जा रही है।