साप्ताहिक समीक्षा- सरसों

02-May-2026 08:18 PM

बेहतर कारोबार होने से सरसों के दाम में तेजी  

नई दिल्ली। प्रमुख उत्पादक राज्यों की महत्वपूर्ण मंडियों में जोरदार आवक होने के बावजूद 25 अप्रैल- 1 मई वाले सप्ताह  के दौरान सरसों की कीमतों में 100-200 रुपए प्रति क्विंटल की तेजी दर्ज की गई। सरसों तेल एवं खल में मांग एवं कीमत मजबूत रहने से मिलर्स को ऊंचे दाम पर भी सरसों खरीदने में कोई हिचक नहीं हो रही है। इससे किसानों को आकर्षक वापसी हासिल हो रही है। 
42% कंडीशन सरसों  
समीक्षाधीन सप्ताह के दौरान 42 प्रतिशत कंडीशन वाली सरसों का भाव दिल्ली में 150 रुपए बढ़कर 6850 रुपए प्रति क्विंटल तथा जयपुर में 100 रुपए बढ़कर 7300 रुपए प्रति क्विंटल पर पहुंच गया इसी तरह सामान्य औसत क्वालिटी वाली सरसों के दाम में राजस्थान की बूंदी मंडी में 350 रुपए का इजाफा दर्ज किया गया। नेवाई / टोंक भी 225 रुपए तेज रहा।
गुजरात / राजस्थान / यूपी 
हालांकि गुजरात की डीसा मंडी में भाव 2025 रुपए प्रति क्विंटल घट गया मगर हरियाणा, मध्य प्रदेश, राजस्थान एवं उत्तर प्रदेश की अधिकांश मंडियों में तेजी दर्ज की गई। भरतपुर में सरसों का भाव 170 रुपए तेज रहा जबकि उत्तर प्रदेश के आगरा में 150 रुपए की तेजी दर्ज की गई। लगभग सभी मंडियों में भाव न्यूनतम समर्थन मूल्य (एमएसपी) से ऊंचा होने के कारण नैफेड एवं हैफेड जैसी सरकारी एजेंसियों के किसानों से सरसों खरीदने में सफलता नहीं मिल रही है।
सरसों तेल 
सरसों का दाम ऊंचा होने से सरसों तेल एक्सपेलर एवं कच्ची घानी की कीमतों में भी 1-2 रुपए प्रति किलो का सुधार दर्ज किया गया। वैसे दिल्ली में एक्सपेलर तेल का भाव 1415 रुपए प्रति 10 किलो पर स्थिर रहा। उधर भरतपुर में कच्ची घानी सरसों तेल की कीमत 25 रुपए बढ़कर 1450 रुपए प्रति 10 किलो पर पहुंच गया। 
आवक 
अखिल भारतीय स्तर पर 25 अप्रैल को 9 लाख बोरी सरसों की आवक हुई जो 27 अप्रैल को सुधरकर 10 लाख बोरी 28 अप्रैल को बढ़कर 10.50 लाख बोरी तथा 29 एवं 30 अप्रैल को उछलकर 11-11 लाख बोरी पर पहुंचने के बाद 1 मई को घटकर 8 हजार बोरी रह गई। 
सरसों खल (डीओसी) 
सरसों खल एवं डीओसी में अच्छी खरीद बिक्री हुई जिससे कीमतों में तेजी का माहौल बना रहा। सरसों खल के दाम में 100-200 रुपए प्रति क्विंटल एवं डीओसी के मूल्य में 1000-2000 रुपए टन का सुधार दर्ज किया गया। चीन के आयातक भारतीय बाजार में सक्रिय हैं।