साप्ताहिक समीक्षा- हल्दी
02-May-2026 08:28 PM
कमजोर मांग से हल्दी के भाव दबे : मगर अधिक मंदा नहीं
नई दिल्ली। चालू सप्ताह के दौरान हल्दी के भाव नरमी के साथ बोले गए। हलांकि उत्पादक केन्द्रों की मंडियों पर नई हल्दी की आवक आशानुरूप नहीं हुई। लेकिन हाजिर में उठाव कम होने के कारण कीमतों में नरमी रही। सूत्रों का कहना है कि वर्तमान भावों में अधिक मंदा संभव नहीं है। क्योंकि प्रमुख उत्पादक राज्य ईरोड, निजामाबाद एवं सांगली लाइन पर अधिकांश माल की आवक शुरू हो चुकी है। जबकि आगामी दिनों में केवल मराठवाड़ा लाइन पर हल्दी की आवक अच्छी रहेगी। अन्य क्षेत्रों में आवक घटने लगी है। प्रतिकूल मौसम के चलते चालू सीजन के दौरान हल्दी का उत्पादन आशानुरूप नहीं हो पाएगा। उल्लेखनीय है कि उत्पादक केन्द्रों पर हल्दी की बिजाई गत वर्ष की तुलना में 30/35 प्रतिशत अधिक क्षेत्रफल पर की गई थी लेकिन बिजाई पश्चात मौसम प्रतिकूल होने से ईरोड लाइन को छोड़कर अन्य क्षेत्रों में फसल को नुकसान हुआ है। जिस कारण इस वर्ष देश में हल्दी का उत्पादन 80/82 लाख बोरी तक ही सिमट जाने की संभावना है जबकि गत वर्ष उत्पादन 70/75 लाख बोरी का रहा था।
आवक
जानकार सूत्रों का कहना है कि निजामाबाद लाइन पर अधिकांश माल की आवक मंडियों में हो जाने के कारण दैनिक आवक घटकर 4/5 हजार बोरी की रह गई है। सूत्रों का मानना है कि निजमाबद लाइन पर अभी तक 9/10 लाख बोरी की आवक हो चुकी है जबकि कुल उत्पादन 12/13 लाख बोरी की माना गया है। ईरोड लाइन पर भी लगभग 8/9 लाख बोरी हल्दी की आवक हो चुकी है जबकि उत्पादन 13/14 लाख बोरी होने के अनुमान लगाए जा रहे हैं। सागली लाइन पर भी लगभग 70/75 प्रतिशत माल आने के समाचार हैं जबकि सांगली लाइन पर इस वर्ष पैदावार 10/12 लाख बोरी मानी जा रही है। मराठवाड़ा लाइन पर नए मालों की आवक आशानुरूप नहीं बढ़ रही है क्योंकि भाव कम मिलने के कारण किसानों ने माल रोकना शुरू कर दिया है। नांदेड मंडी में 4/5 हजार बोरी की आवक हो रही जबकि बसमत में 8/10 हजार बोरी की आवक चल रही है। हिंगोली में भी आवक सीमित चल रही। मराठवाड़ा लाइन पर इस वर्ष हल्दी का उत्पादन 30/32 लाख बोरी होने के अनुमान है। इसके अलावा वारंगल एवं दुगिराला लाइन पर आवक अनुमानों की तुलना में कम है। वारंगल में आवक 2500/3000 बोरी एवं दुगिराला 1500/2000 बोरी की हो रही है।
भाव
चालू सप्ताह के दौरान हल्दी के भाव मंदे के साथ बोले गए। कमजोर मांग एवं वायदा में भी भाव दबे रहने के कारण उत्पादक केन्द्रों की मंडियों पर हल्दी के भाव 200/300 रुपए प्रति क्विंटल मंदे के साथ बोले गए। दिल्ली बाजार में भी हल्दी सिंगल पोलिश गट्ठा के भाव घटकर 150/152 रुपए पर आ गए हैं जोकि गत दिनों 155/156 रुपए बोले जा रहे थे। सूत्रों का मानना है कि वर्तमान कीमतों में अधिक मंदे के आसार नहीं है। क्योंकि पैदावार में कमी एवं बकाया स्टॉक भी कम रह जाने के कारण आगामी दिनों में भाव कम रहने की संभावना है।
निर्यात
मसाला बोर्ड द्वारा जारी आंकड़ों के अनुसार चालू वित्त वर्ष 2025-26 के प्रथम दस माह अप्रैल-जनवरी- 2026 के दौरान हल्दी का निर्यात 151933 टन का किया गया और निर्यात से प्राप्त आय 2445.51 करोड़ की रही। जबकि अप्रैल-जनवरी -2025 में हल्दी का निर्यात 148691 टन का हुआ था और निर्यात से प्राप्त आय 2425.87 करोड़ की रही। वर्ष 2024-25 के दौरान हल्दी का कुल निर्यात 176325 टन का रहा था।
