News Capsule/न्यूज कैप्सूल: एल नीनो का खतरा: 2026 मानसून से पहले कृषि क्षेत्र पर संकट के संकेत
03-Apr-2026 12:01 PM
News Capsule/न्यूज कैप्सूल: एल नीनो का खतरा: 2026 मानसून से पहले कृषि क्षेत्र पर संकट के संकेत
★ भारत में 2026 मानसून से पहले एल नीनो की संभावना बढ़ने से कृषि क्षेत्र पर असर पड़ने की आशंका है। मौसम विभाग के अनुसार जुलाई-अगस्त के दौरान एल नीनो बनने की संभावना है, जिससे बारिश प्रभावित हो सकती है।
★ एल नीनो आमतौर पर कम वर्षा और अधिक गर्मी से जुड़ा होता है, जिससे खरीफ फसलों जैसे धान, तूर और मूंगफली पर असर पड़ सकता है। कमजोर मानसून से बुवाई में देरी और उत्पादन में गिरावट का खतरा बढ़ जाता है।
★ अगर अगस्त-सितंबर में एल नीनो तेज हुआ तो फसलों को ज्यादा नुकसान हो सकता है। फिलहाल देश के कई हिस्सों में बारिश पहले से ही कम रही है, जिससे मिट्टी में नमी भी घट गई है।
★ अगर उत्पादन प्रभावित होता है, तो भारत की दलहन और तिलहन आयात पर निर्भरता बढ़ सकती है, जैसा 2023 में देखा गया था। उस समय कम उत्पादन के कारण आयात में तेज बढ़ोतरी हुई थी।
★ हालांकि, सरकार जरूरत पड़ने पर बफर स्टॉक जारी कर कीमतों को नियंत्रित कर सकती है, लेकिन मानसून की प्रगति पर बाजार की नजर बनी रहेगी। आने वाले दिनों में कई कदम जैसे कि आयात शुल्क घटना, स्टॉक लिमिट लगाना, निरक्षण करना जैसे कदम उठाए जा सकते हैं।
★ एल नीनो की संभावना से 2026 का खरीफ सीजन जोखिम में है और बारिश की स्थिति आने वाले महीनों में कृषि और कीमतों की दिशा तय करेगी।
