News Capsule/न्यूज कैप्सूल: भारत में खाद्यान्न भंडारण क्षमता पर बढ़ता दबाव, रिकॉर्ड उत्पादन के बीच बड़ी चुनौती
28-Apr-2026 11:49 AM
News Capsule/न्यूज कैप्सूल: भारत में खाद्यान्न भंडारण क्षमता पर बढ़ता दबाव, रिकॉर्ड उत्पादन के बीच बड़ी चुनौती
★ उपलब्ध आंकड़ों के अनुसार 1 अप्रैल 2026 तक FCI के पास 487 लाख टन तथा राज्य एजेंसियों के पास 465 लाख टन भंडारण क्षमता है, जिससे कुल क्षमता 952 लाख टन बनती है।
★ इसी तारीख पर खाद्यान्न का वास्तविक स्टॉक 608.97 लाख टन दर्ज किया गया, जिसमें चावल 386 लाख टन, गेहूं 218 लाख टन और मोटा अनाज 4.77 लाख टन शामिल है। इसके अलावा लगभग 500 लाख टन धान अभी भी राइस मिलर्स के पास अनमिल्ड अवस्था में पड़ा हुआ है।
★ स्थिति को और चुनौतीपूर्ण बनाता है 2026-27 सीजन के लिए 345 लाख टन गेहूं खरीद का लक्ष्य। यदि इस लक्ष्य की पूरी खरीद होती है, तो कुल उपलब्ध स्टॉक 953.97 लाख टन तक पहुंच सकता है, जो मौजूदा कुल भंडारण क्षमता से अधिक है। ऐसे में यदि राइस मिलर्स के पास रखा धान मिलिंग के बाद सरकारी गोदामों में आता है, तो भंडारण पर भारी दबाव बनना तय है।
★ इस स्थिति में सरकार को वैकल्पिक भंडारण उपायों का सहारा लेना पड़ सकता है, जिसमें राइस मिलर्स के पास स्टॉक रखना या ओपन प्लिंथ (खुले मैदान) में गेहूं का भंडारण शामिल है। हालांकि, ओपन प्लिंथ में भंडारण से गुणवत्ता पर प्रतिकूल असर पड़ता है, खासकर तब जब इस साल गेहूं की गुणवत्ता पहले से ही कमजोर (URS) बताई जा रही है।
★ इस वर्ष URS गेहूं का प्रतिशत अब तक के उच्चतम स्तर पर रहने का अनुमान है। ऐसे में खुले में भंडारण से गुणवत्ता में और गिरावट आ सकती है, जिससे भविष्य में असर पड़ सकता है।
★ सरकार को त्वरित रूप से अतिरिक्त भंडारण क्षमता, आधुनिक साइलो सिस्टम और स्टॉक मैनेजमेंट रणनीतियों पर ध्यान देना होगा, ताकि रिकॉर्ड उत्पादन का लाभ नुकसान में न बदल जाए।
