निर्यात संवर्धन हेतु खाद्य परीक्षण सुविधाओं के विस्तार का प्लान

02-Jan-2025 04:57 PM

नई दिल्ली । केन्द्रीय वाणिज्य मंत्रालय की एक शाखा- निर्यात निरीक्षण परिषद (ईआईसी) ने खाद्य उत्पादों के निर्यात शिपमेंट की गति तेज करने के लिए बड़े पैमाने पर खाद्य परीक्षण सुविधाओं एवं बुनियादी ढांचों का विकास-विस्तार करने का प्लान बनाया है।

परिषद ने निर्यात संवर्धन के लिए खाद्य परीक्षण सुविधाओं में कमी की समीक्षा करने हेतु विस्तृत अध्ययन शुरू कर दिया है। वरिष्ठ आधिकारिक सूत्रों के अनुसार यद्यपि समस्या के आंकलन के लिए पहले ही अनेक कदम उठाए जा चुके हैं लेकिन अब जिंसों तथा क्षेत्रों के आधार पर इसका गहन विश्लेषण किया जा रहा है।

खाद्य परीक्षण ढांचा तथा सुविधा में कमी या अंतर की तलाश का प्रयास आरंभ किया जा रहा है। अगले दो-तीन महीनों में अध्ययन-विश्लेषण का कार्य समाप्त हो जाने की उम्मीद है और उसके बाद इस सम्बन्ध में एक व्यापक योजना तैयार की जाएगी कि किस तरह ज्यादा से ज्यादा सटीक, व्यापारिक एवं उपयोगी तरीके से ढांचागत सुविधाओं का विकास-विस्तार किया जाए। 

वाणिज्य विभाग के संयुक्त सचिव के अनुसार भारत से विभिन्न खाद्य उत्पादों का बड़े पैमाने पर निर्यात होता है जिसमें बासमती एवं गैर बासमती चावल, दाल-दलहन, तेल-तिलहन, मक्का, ग्वार गम, मसाले, काजू, फल एवं सब्जियां, पशुधन उत्पाद तथा प्रसंस्कृत खाद्य उत्पाद आदि शामिल हैं।

मिलावट रहित अच्छी क्वालिटी का निर्यात सुनिश्चित करने का भरसक प्रयास किया जा रहा है ताकि वैश्विक बाजार में उसकी स्वीकार्यता तथा भारत की साख, प्रतिष्ठा एवं विश्वसनीयता बढ़ सके।

ईआईसी खाद्य उत्पादों के निर्यात संवर्धन के लिए निरीक्षण, परीक्षण तथा प्रणाली करम (प्रमाण पत्र देने की प्रक्रिया) में शामिल विधियों को व्यवस्थित करने तथा उसे मुख्य धारा से जोड़ने के लिए एक समेकित ट्रैसेबिलिटी मॉड्यूल लांच करने की तैयारी में है।