मार्च में 11.50 लाख टन सरसों की क्रशिंग होने का अनुमान
02-Apr-2025 08:29 PM

जयपुर। प्रमुख उत्पादक राज्यों की मंडियों में सरसों के नए माल की जोरदार आवक शुरू होने से इसकी खरीद एवं क्रशिंग- प्रोसेसिंग की रफ्तार बहुत बढ़ गई है। अप्रैल-मई 2025 में भी सरसों की भारी आपूर्ति का सिलसिला जारी रहेगा जिससे क्रशिंग की गति तेज बनी रहेगी।
जयपुर के चांदपोल की अनाज मंडी में स्थित प्रतिष्ठान- मरुधरा ट्रेडिंग एजेंसी के मैनेजिंग डायरेक्टर अनिल चतर के अनुसार मार्च 2025 के दौरान प्रमुख उत्पादक राज्यों की मंडियों में 14.50 लाख टन तथा सरकारी क्रय केन्द्रों पर 50 हजार टन के साथ कुल 15 लाख टन सरसों की आवक हुई। इसमें से 11.50 लाख टन की क्रशिंग हो गई।
उल्लेखनीय है कि उद्योग- व्यापार संगठनों ने वर्ष 2025 में राष्ट्रीय स्तर पर कुल 111.25 लाख टन सरसों के उत्पादन का अनुमान लगाया है जिसके तहत राजस्थान में 51 लाख टन, उत्तर प्रदेश में 15 लाख टन, मध्य प्रदेश में 13.50 लाख टन, पंजाब / हरियाणा में 12.50 लाख टन, गुजरात में 4.75 लाख टन तथा बंगाल-बिहार सहित देश के अन्य राज्यों में 14.50 लाख टन के उत्पादन की संभावना व्यक्त की गई है।
अनिल चतर के अनुसार फरवरी में आई 2 लाख टन की मात्रा को घटाने के बाद 1 मार्च से शुरू हुए मार्केटिंग सीजन के लिए सरसों का उत्पादन 109.25 लाख टन आंका गया। इसके अलावा 1 मार्च को करीब 9 लाख टन सरसों का पिछला बकाया स्टॉक मौजूद था जिससे पूरे सीजन के लिए इसकी कुल उपलब्धता 118.25 लाख टन हो जाएगी।
किसानों के पास सीजन के आरंभ में 1.00 लाख टन सरसों का बकाया स्टॉक मौजूद था जबकि 109.25 लाख टन के उत्पादन के साथ कुल स्टॉक 110.25 लाख टन हो गया।
इसमें से मार्च के दौरान 15 लाख टन की आवक हो गई और इस तरह 1 अप्रैल की तिथि से उसके पास 95.25 लाख टन का स्टॉक बच जाएगा।
सरकारी एजेंसियों- नैफेड / हैफेड के पास 1 अप्रैल को करीब 7.00 लाख टन सरसों का स्टॉक बचा हुआ था। हालांकि उसने मार्च में 50 हजार टन नई सरसों की खरीद की मगर इतनी ही मात्रा में पुराने स्टॉक की बिक्री भी कर दी।
1 अप्रैल 2025 की तिथि के अनुसार किसानों के पास 95.25 लाख टन, प्रोसेसर्स एवं स्टॉकिस्टों के पास 4.50 लाख टन तथा सरकारी एजेंसियों के पास 7.00 लाख टन के साथ देश में कुल 106.75 लाख टन सरसों का स्टॉक उपलब्ध रहेगा जिसकी खपत आगामी महीनों में होगी।