मई के लिए 16 चीनी मिलों का फ्री सेल कोटा रोका गया

01-May-2026 03:47 PM

नई दिल्ली। केन्द्र सरकार ने पिछले महीनों के दौरान स्टॉक धारिता सीमा के नियम का उल्लंघन करने तथा स्टॉक के सम्बन्ध में गलत जानकारी होने के कारण मई माह के लिए 16 चीनी मिलों का फ्री सेल कोटा रोक दिया है। इस कटौती के बाद अब मई 2026 के लिए राष्ट्रीय स्तर पर चीनी की कुल घरेलू बिक्री का कोटा घटकर 21.80 लाख टन रह गया है। यह पूर्व में घोषित 22.50 लाख टन चीनी के फ्री सेल कोटे से 70 हजार टन कम है। 

एक सरकारी अधिसूचना के अनुसार मार्च 2026 के लिए पी- 2 फार्म में चीनी मिलों द्वारा क्लोजिंग स्टॉक का जो आंकड़ा भेजा गया उसका परीक्षण-आंकलन करने से पता चलता कि वास्तविक स्टॉक की तुलना में सूचित स्टॉक कम था। सरकार प्रत्येक चीनी मिल को किसी एक माह में बेचने के लिए जो कोटा प्रदान करती है वह उच्चतम स्तर का होता है और मिलर्स उस कोटे से अधिक मात्रा में चीनी की बिक्री नहीं कर सकता है। नियमानुसार यदि अधिक मात्रा में चीनी बेची गई तो अगले महीने के कोटे में उतनी मात्रा की कटौती हो जाती है। जरूरत से ज्यादा माल बेचने पर कोटा स्थगित भी किया जा सकता है। इन मिलों के साथ कुछ ऐसा ही मामला बना है।

सरकार ने मई 2026 में घरेलू प्रभाग में बेचने के लिए कुल 22.50 लाख टन चीनी का कोटा निर्धारित किया है जो आज से प्रभावी हो गया है। इससे पूर्व अप्रैल में 23 लाख टन का कोटा नियत किया गया था।

मई 2025 में 23.50 लाख टन चीनी का फ्री सेल कोटा जारी हुआ था। यह देखना आवश्यक होगा कि जिन मिलों का कोटा रोका गया है उसे वह दोबारा वापस मिलता है या उस कोटे को अन्य मिलों के बीच वितरित किया जाता है। तीसरा विकल्प कोटे को पूरी तरह वापस लेने का है। 

अप्रैल की तुलना में मई माह के लिए चीनी के फ्री सेल कोटे में कर्नाटक में 19 प्रतिशत एवं महाराष्ट्र में 18 प्रतिशत की कटौती कर दी गई है जबकि उत्तर प्रदेश में इसे 11 प्रतिशत बढ़ा दिया गया है।