कपास का उत्पादन क्षेत्र 130 लाख हेक्टेयर से ऊपर पहुंचने का अनुमान

10-Jun-2026 04:39 PM

हैदराबाद। पिछले साल की तुलना में चालू खरीफ सीजन के दौरान राष्ट्रीय स्तर पर कपास के उत्पादन क्षेत्र में करीब 15 प्रतिशत का इजाफा होने का अनुमान है। क्योंकि एक तो मौसम एवं मानसून की स्थिति इसके लिए अनुकूल रह सकती है और दूसरे, सरकार ने रूई के न्यूनतम समर्थन मूल्य में अच्छी बढ़ोत्तरी कर दी है।

बाजार भाव नीचे रहने पर सरकारी एजेंसी- भारतीय कपास निगम (सीसीआई) द्वारा प्रमुख उत्पादक राज्यों में किसानों से न्यूनतम समर्थन मूल्य (एमएसपी) पर रूई की विशाल खरीद की जाती है जिससे उत्पादकों को राहत मिलती है। 

पिछले साल कपास का घरेलू उत्पादन क्षेत्र घटकर 114.82 लाख हेक्टेयर पर आ गया था लेकिन इस बार बढ़कर 130 लाख हेक्टेयर से ऊपर पहुंच जाने की उम्मीद है।

रूई का एमएसपी 2026-27 सीजन के लिए 557 रुपए बढ़ाकर मीडियम रेशेवाली श्रेणी के लिए 8267 रुपए प्रति क्विंटल, लम्बे रेशेवाली किस्मों के लिए 8667 रुपए प्रति क्विंटल निर्धारित किया गया है। किसानों के लिए यह लाभदायक मूल्य माना जा रहा है। 

पिछले साल की तुलना में चालू खरीफ सीजन के दौरान कपास का उत्पादन क्षेत्र गुजरात, महाराष्ट्र, मध्य प्रदेश, तेलंगाना, कर्नाटक, आंध्र प्रदेश एवं राजस्थान में बढ़ने के आसार हैं जबकि पंजाब तथा हिरयाणा में इसका रकबा काफी घट गया है। उड़ीसा में क्षेत्रफल सामान्य रहने की उम्मीद है।