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22-Oct-2026 01:48 PM
नई दिल्ली। हालांकि भारत में एचटीबीटी कॉटन की बिजाई पर प्रतिबंध लगा हुआ है और इसका उत्पादन गैर कानूनी माना जाता है लेकिन फिर भी अनेक राज्यों में बड़े पैमाने पर धड़ल्ले से इसकी खेती होती है।
एक अध्ययन रिपोर्ट के अनुसार 2026-27 सीजन के दौरान राष्ट्रीय स्तर पर कपास के सकल उत्पादन क्षेत्र में एचटीबीटी कॉटन की भागीदारी बढ़कर 24 से 30 प्रतिशत के करीब पहुंच गई। श्रमिकों के अभाव एवं खर पतवार के नियंत्रण हेतु बढ़ते खर्च के कारण 2025 के खरीफ सीजन एचटीबीटी कॉटन का रकबा बढ़कर 65-70 लाख एकड़ पर पहुंच गया।
साउथ एशिया बायो टेक्नोलॉजी सेंटर द्वारा संचालित तथा भारतीय बीज उद्योग महासंघ एवं नेशनल सीड एसोसिएशन ऑफ इंडिया द्वारा समर्थित अध्ययन- विश्लेषण में देश के अंदर एचटीबीटी कॉटन के बीज का कारोबार बढ़कर 820 से 880 करोड़ रुपए के बीच पहुंच जाने का अनुमान लगाया गया है।
महाराष्ट्र, तेलंगाना, आंध्र प्रदेश एवं राजस्थान के 16 जिलों में फील्ड सर्वेक्षण एवं सम्बद्ध पक्षों से बातचीत करने के बाद जो तथ्य सामने आया उससे पता चलता है कि एचटीबीटी कॉटन की खेती के प्रति किसानों की दिलचस्पी तेजी से बढ़ती जा रही है। कई अन्य राज्यों में भी इसकी खेती होती है।