गुजरात में मूंगफली एवं कपास की बदौलत खरीफ फसलों का क्षेत्रफल बढ़ा

08-Jun-2026 08:21 PM

गांधीनगर। देश के पश्चिमी प्रान्त- गुजरात में खरीफ फसलों की बिजाई का अभियान आरंभ हो चुका है और आरम्भिक संकेतों से पता चलता है कि इस बार वहां किसान मूंगफली तथा कपास की खेती को विशेष प्राथमिकता दे सकते हैं। उल्लेखनीय है कि गुजरात देश में मूंगफली कपास और अरंडी का सबसे बड़ा उत्पादक राज्य है जबकि वहां अन्य फसलों की भी अच्छी खेती होती है। 

राज्य कृषि विभाग के नवीनतम आंकड़ों के अनुसार गुजरात में वर्तमान खरीफ सीजन के दौरान प्रमुख फसलों का उत्पादन क्षेत्र बढ़कर 1,73,486  हेक्टेयर पर पहुंच गया है जो पिछले साल की समान अवधि के बिजाई क्षेत्र 77,067 हेक्टेयर से 96,419 हेक्टेयर ज्यादा है।

समीक्षाधीन अवधि के दौरान वहां अनाजी फसलों का रकबा 103 हेक्टेयर से उछलकर 1492 हेक्टेयर, दलहन का बिजाई क्षेत्र 111 हेक्टेयर से सुधरकर 55,194 हेक्टेयर तथा कपास का उत्पादन क्षेत्र 34,011 हेक्टेयर से उछलकर 93,449 हेक्टेयर पर पहुंच गया। ग्वार का रकबा 105 हेक्टेयर पर पहुंचा है जबकि गत वर्ष इस समय तक वहां बिजाई शुरू नहीं हुई थी। 

गुजरात में अनाजी फसलों के अंतर्गत धान, ज्वार, बाजरा एवं मक्का, दलहनों के संवर्ग में तुवर, मूंग, उड़द एवं तिलहन फसलों की श्रेणी में मूंगफली, तिल, सोयाबीन एवं अरंडी आदि का उत्पादन होता है।

प्राप्त आंकड़ों के अनुसार गुजरात में पिछले साल के मुकाबले मौजूदा खरीफ सीजन में मूंगफली का उत्पादन क्षेत्र 31,110 हेक्टेयर से बढ़कर 54,788 हेक्टेयर तथा कपास का क्षेत्रफल 34,011 हेक्टेयर से उछलकर 93,449 हेक्टेयर पर पहुंचा है जबकि शेष खरीफ फसलों की बिजाई अभी सीमित क्षेत्रफल में हुई है।