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एथनॉल निर्माण में गन्ना अवयवों के इस्तेमाल पर रोक से उद्योग पर असर

26-Oct-2026 11:04 AM

एथनॉल निर्माण में गन्ना अवयवों के इस्तेमाल पर रोक से उद्योग पर असर

पुणे। देश के सबसे प्रमुख उत्पादक राज्य- महाराष्ट्र में उद्योग को इस बार केन्द्र सरकार के उस निर्णय से गहरा धक्का लगने की आशंका है जिसमें 2026-27 के मार्केटिंग सीजन के लिए एथनॉल के निर्माण में गन्ना जूस, शुगर सीरप तथा बी-हैवी शीरा के इस्तेमाल पर प्रतिबंध लगा दिया गया है। वैसे तो यह निर्णय समूचे देश के लिए लागू हुआ है मगर इसका ज्यादा महाराष्ट्र, उत्तर प्रदेश एवं कर्नाटक जैसे शीर्ष उत्पादक राज्यों पर पड़ेगा और वहां चीनी मिलों को आर्थिक नुकसान हो सकता है। 

तेल विपणन कंपनियों (ओएमसी) द्वारा एथनॉल की आपूर्ति के लिए जो नया टेंडर जारी किया गया है उसमें उपरोक्त गन्ना अवयवों से निर्मित एथनॉल को शामिल नहीं किया गया है। एथनॉल के उत्पादन एवं कारोबार से चीनी मिलों एवं डिस्टीलरीज को अच्छी कमाई हासिल हो रही थी मगर अब उसे इससे वंचित कर दिया गया है।

उद्योग समीक्षकों के अनुसार एथनॉल का उत्पादन बंद होने पर चीनी के उत्पादन में बढ़ोत्तरी होगी और इसकी कीमतों में तेजी आने की संभावना घट जाएगी। चीनी के दाम में उतार-चढ़ाव से मिलों की आमदनी प्रभावित होगी जबकि एथनॉल का मूल्य निश्चित रहता था। महाराष्ट्र चीनी तथा एथनॉल का अग्रणी उत्पादक राज्य है। इस बार वहां सूखा पड़ने से गन्ना की फसल प्रभावित हुई है।