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26-Oct-2026 08:47 PM
राजकोट। सॉल्वेंट एक्सट्रैक्टर्स एसोसिएशन ऑफ इंडिया (सी) ने देश के सबसे प्रमुख मूंगफली उत्पादक राज्य गुजरात में इस महत्वपूर्ण तिलहन की खरीफ कालीन फसल का उत्पादन 20.5 प्रतिशत घटकर 33.30 लाख टन के करीब रह जाने का अनुमान लगाया है।
एसोसिएशन के मुताबिक राज्य में मूंगफली का बिजाई क्षेत्र घटकर 20.71 लाख हेक्टेयर रह गया और फसल की औसत उपज दर भी गिरकर 1608 किलो प्रति हेक्टेयर पर अटक जाने की संभावना है। गुजरात के कुछ जिलों में इस बार मानसून की बारिश कम होने से मूंगफली की फसल प्रभावित हुई है जिससे उपज दर में गिरावट आएगी।
वर्ष 2025 के खरीफ सीजन के दौरान गुजरात में 22.02 लाख हेक्टेयर में मूंगफली की खेती हुई थी और 1902 किलो प्रति हेक्टेयर की औसत उपज दर के साथ इसका कुल उत्पादन 41.88 लाख टन आंका गया था।
उल्लेखनीय है कि गुजरात देश में मूंगफली का सबसे बड़ा उत्पादक राज्य है। वहां उत्पादन में भारी गिरावट आने से कीमतों में तेजी-मजबूती का माहौल बन सकता है। भारत से बड़े पैमाने पर मूंगफली का निर्यात भी किया जाता है लेकिन अगर घरेलू बाजार भाव ज्यादा ऊंचा रहा तो इसका निर्यात प्रदर्शन कमजोर पड़ सकता है। गुजरात सरकार ने बारिश की भारी कमी के कारण राज्य के चार जिलों को सूखाग्रस्त घोषित कर दिया है।
सौराष्ट्र संभाग के कुछ क्षेत्रों में बारिश सामान्य औसत से काफी कम हुई इसलिए इस संभाग में मूंगफली के उत्पादन में 19.8 प्रतिशत की गिरावट आने का अनुमान लगाया गया है सौराष्ट्र संभाग में मूंगफली का बिजाई क्षेत्र 15.78 लाख हेक्टेयर रहा जबकि इसका उत्पादन 25.53 लाख टन होने की संभावना व्यक्त की गई है।