चीनी उत्पादन में महाराष्ट्र से आगे निकला उत्तर प्रदेश
02-Apr-2025 08:19 PM

नई दिल्ली। नेशनल फेडरेशन ऑफ को ऑपरेटिव शुगर फैक्ट्रीज के आंकड़ों से पता चलता है कि 2024-25 के वर्तमान मार्केटिंग सीजन (अक्टूबर-सितम्बर) को पहली छमाही में यानी अक्टूबर 2024 से मार्च 2025 के दौरान महाराष्ट्र में केवल 80.10 लाख टन चीनी का उत्पादन हुआ और अब वहां केवल 6 मिलों में गन्ना की क्रशिंग हो रही है।
हालांकि चीनी का उत्पादन उत्तर प्रदेश में भी कमजोर देखा जा रहा है मगर 31 मार्च तक राज्य में 87.70 लाख टन का उत्पादन दर्ज किया गया जो महाराष्ट्र की तुलना में 7.60 लाख टन अधिक है। उत्तर प्रदेश में इस बार 904.12 लाख टन गन्ना की क्रशिंग हुई और चीनी की औसत रिकवरी दर 9.7 प्रतिशत दर्ज की गई।
इसके मुकाबले पिछले सीजन की समान अवधि के दौरान उत्तर प्रदेश में 921.33 लाख टन गन्ना की क्रशिंग हुई थी और 10.55 प्रतिशत की औसत रिकवरी दर के साथ 97.20 लाख टन चीनी का उत्पादन हुआ था।
जहां तक महाराष्ट्र की बात है तो वहां कुल 200 में से 194 चीनी मिलें बंद हो चुकी हैं। राज्य में इस बार 843.16 लाख टन गन्ना की क्रशिंग हुई और 9.50 प्रतिशत की औसत रिकवरी दर के साथ 80.10 लाख टन चीनी का उत्पादन हुआ।
फेडरेशन के मुताबिक राष्ट्रीय स्तर पर गन्ना की कुल क्रशिंग इस बार 2653.26 लाख टन पर ही पहुंच सकी जबकि पिछले सीजन में 2981.04 लाख टन पर पहुंच गई थी।
इसी तरह गन्ना से चीनी की औसत रिकवरी दर भी 10.15 प्रतिशत से घटकर 9.37 प्रतिशत रह गई। इसके फलस्वरूप चीनी का कुल उत्पादन भी 2023-24 सीजन की पहली छमाही के 302.50 लाख टन से 18 प्रतिशत घटकर 2024-25 सीजन की समान अवधि में 248.50 लाख टन पर सिमट गया।
31 मार्च 2025 को देशभर में 113 चीनी मिलों में गन्ना की क्रशिंग जारी थी जबकि पिछले साल की इसी अवधि में 204 चीनी मिलें सक्रिय थीं।
फेडरेशन ने चीनी का सकल उत्पादन 2023-24 सीजन के 319 लाख टन से 19 प्रतिशत या 60 लाख टन घटकर 2024-25 के सीजन में 259 लाख टन रह जाने की संभावना व्यक्त की है जबकि इस्मा ने इससे 5 लाख टन ज्यादा यानी 264 लाख टन के उत्पादन का अनुमान लगाया है।