आसाम के नामरूप में नए यूरिया प्लांट की घोषणा

03-Feb-2025 01:37 PM

दरभंगा । वित्त वर्ष 2025-26 के केन्द्रीय आम बजट में आसाम के नामरूप में 12.70 लाख टन की वार्षिक उत्पादन क्षमता वाले एक यूरिया प्लांट स्थापित करने की घोषणा की गई है ताकि इस महत्वपूर्ण उर्वरक की आपूर्ति एवं उपलब्धता बढ़ाने में सहायता मिल सके।

हालांकि सार्वजनिक क्षेत्र के प्रतिष्ठान- ब्रह्मपुत्र वैली फर्टिलाइजर्स कॉर्पोरेशन के तहत नामरूप में यूरिया उत्पादन के दो प्लांट पहले से ही क्रियाशील हैं लेकिन उसकी उत्पादन क्षमता कम है। 

एक नए यूरिया प्लांट स्थापित करने का प्रस्ताव काफी समय से लम्बित था जिसे बजट घोषणा के माध्यम से अब अनुमोदित कर दिया गया है। इस घोषणा के बाद वहां प्लांट स्थापित करने की गतिशीलता बढ़ जाएगी।

इसकी योजना सबसे पहले वर्ष 2015 में बनाई गई थी जब केन्द्र सरकार ने ब्रह्म पुत्र वैली फर्टिलाइजर्स कॉर्पोरेशन के परिसरों में एक नया ब्राउन फील्ड अमोनिया- यूरिया कॉम्प्लेक्स स्थापित करने के प्रस्ताव को अनुमोदित किया था।

सार्वजनिक- निजी भागीदारी (पीपीपी) मोड के तहत इस प्लांट की उत्पादन क्षमता 8.60 लाख टन वार्षिक नियत की गई थी।

लेकिन जब निजी क्षेत्र की ओर से कोई प्रतिस्पर्धी बिड प्राप्त नहीं हुआ तब इस प्रस्ताव को स्थगित कर दिया गया। सरकार इस योजना के अंतर्गत संयुक्त भगीदारी के पार्टनर के 52 प्रतिशत इक्विटी का ऑफर देना चाहती थी लेकिन कोई कम्पनी इसे स्वीकार करने के लिए तैयार नहीं हुई। 

भारत में यूरिया का उत्पादन घरेलू मांग एवं जरूरत से कम होता है और इसलिए विदेशों से इसके आयात की आवश्यकता पड़ती है।

यूरिया एक प्रथमिकता वाला रासायनिक उर्वरक है और खरीफ तथा रबी फसलों की बिजाई तथा प्रगति के दौरान बड़े पैमाने पर इसका उपयोग किया जाता है। लागत खर्च ऊंचा होने के कारण सरकार इस पर भारी - भरकम सब्सिडी प्रदान करती है।