मटर-मसूर का कम उत्पादन होने से दलहनों का वैश्विक कारोबार घटा
12-Feb-2025 02:00 PM
नई दिल्ली । इंटरनेशनल ग्रेन्स कौंसिल, इंडिया मिडल ईस्ट एग्री एलायंस तथा भारत सब कांटीनेंट एग्री फाउंडेशन द्वारा जारी एक संयुक्त बयान में कहा गया है कि मसूर तथा मटर के उत्पादन में आई गिरावट के कारण वर्ष 2024 के दौरान दलहनों के आयात की कुल वैश्विक मांग घटकर 214 लाख टन पर अटक गई।
10 फरवरी को विश्व दलहन दिवस मनाया गया। इस अवसर पर आयोजित कार्यक्रम का उद्देश्य एक नियमित एवं प्रगतिशील खाद्य प्रणाली सुनिश्चित करने में दलहनों - दालों की भूमिका को उजागर करना था। दुनिया के विभिन्न भागों में एक महत्वपूर्ण खाद्य उत्पाद के तौर पर दलहनों का महत्वपूर्ण योगदान रहता है।
संयुक्त बयान में कहा गया है कि पिछले एक दशक के दौरान दलहनों के वैश्विक व्यापार में 33 प्रतिशत से अधिक की बढ़ोत्तरी हुई है।
वर्ष 2024 की सम्पूर्ण अवधि (जनवरी से दिसम्बर) के दौरान दलहनों के वैश्विक आयात की मांग कुछ घटकर 214 लाख टन रह गई।
इसका मसूर और मटर का कम कारोबार होना रहा। लेकिन फिर भी दलहनों का वैश्विक व्यापार सामान्य औसत से ऊंचा रहा।
मटर का आयात चीन तथा यूरोपीय संघ में कुछ घट गया मगर भारत में इसके आयात में जबरदस्त बढ़ोत्तरी हो गई।
जहां तक मसूर का सवाल है तो दक्षिण एशिया तथा निकट-पूर्व एशिया के आयातकों द्वारा इसकी खरीद में कुछ कमी कर दी गई। भारत में भी आयात अपेक्षाकृत कम हुआ।
हालांकि संयुक्त रूप से दलहनों का उत्पादन निरन्तर बढ़ता रहा है लेकिन इसमें और बढ़ोत्तरी के लिए गंभीर प्रयास की जरूरत है।
दलहनों की वैश्विक मांग निरन्तर बढ़ती जाएगी और इसे पूरा करने के लिए उत्पादन में सतत इजाफा का प्रयास जारी रखना पड़ेगा।
